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उसकी पलकों से आँसू को चुरा रहे थे हम,
उसके ग़मो को हंसीं से सजा रहे थे हम,
जलाया दिया उसी दिऐ ने मेरा हाथ,
जिसकी लो को हवासे बचा रहे थे हम....$$$$$


उसकी आँखे बयां करती होंगी मेरी बेपन्हा मोहब्बत..शायद..
इसीलिए …
नजर झुक जाती है उसकी मेरी गली से गुज़रते हुए।......$$$$$


एक उम्र जवानी होती है,
हर शय पे रवानी होती है,
हर दिल नजरो का दीवाना,
हर नजर दीवानी होती है........$$$$$


दिल के रिश्तों कि नज़ाक़त वो क्या जाने ,
नर्म लफ़्ज़ों से भी लग जाती हैं चोटें अक्सर........$$$$$



समन्दर के सफ़र में साहिलों पे दस्तखत करना.........$$$$$
हमारी जिद है अपनी मंजिलो पे दस्तखत करना........$$$$$
किसी मासूम सी लड़की ने पुछा था मुहब्बत से ........$$$$$
कहाँ से सीखते हो तुम दिलों पे दस्तखत करना........$$$$$


अगर रुक जाए मेरी धड़कन तो इसे मेरी मौत न समझना,
अब तो अक्सर ऐसा होता है तुझे याद करते-करते ......$$$$$


आंसुओं को पलकों तक लाया न करो,
दिल की बात किसी को बताया न करो,
लोग तो मुठी में नमक लिए फिरते है,
अपने ज़ख़्म किसी को दिखाया न करो.....$$$$$


बरसो बाद फोन पर हम दोनो देर तक खामोश ही रहेँ,
लफ्ज सारे गायब थे पर “बाते हजारो” हो गयी......$$$$$


मुहब्‍बत के लबोँ पर,फिर वही तकरार बैठी है!
एक प्‍यारी सी मीठी सी,कोई झनकार बैठी है!
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा,
मैँ तेरे बिन, तू मेरे बिन, वहाँ बेकार बैठा है......$$$$


जिंदगी तो उसकी है जिसकी मौत पे जमाना अफसोस करे,
वरना जनम तो हर किसी का मरने के लिए ही होता है......$$$$$


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