2 line isqu shayari in hindi font

कौन सी बात है जो उस में नहीं,
उस को देखे मेरी नज़र से कोई........###

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अगर तुम्हें यकीन नहीं तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास,
अगर तुम्हें यकीन हैं तो मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नहीं........###

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हम उनके दिल पर राज़ करते थे,
मेरा दिल जिनका गुलाम आज भी है........###

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याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,
भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है........###

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जिस को जाना ही नहीं उस को ख़ुदा कैसे कहें;
और जिसे जान लिया हो वो ख़ुदा कैसे हो........###

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रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी........###

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बोसा देते नहीं और दिल पे है हर लहज़ा निगाह,
जी में कहते हैं कि मुफ़्त आए तो माल अच्छा है........###

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कुछ इस अदा से आज वो पहलू-नशीं रहे,
जब तक हमारे पास रहे हम नहीं रहे........###

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उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया,
देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया........###

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ये तो नहीं कि तुम सा जहान में हसीन नहीं,
इस दिल का क्या करूँ ये बहलता कहीं नहीं........###

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इश्क ने कब इजाजत ली है आशिक़ों से,
वो होता है, और होकर ही रहता है........###

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तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी,
एक हम हैं कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे........###

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छुपे-छुपे से रहते हैं सरेआम नही हुआ करते,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते हैं उनके नाम नहीं हुआ करते........###

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'नजर' 'नमाज' 'नजरिया' सब कुछ बदल गया,
एक रोज इश्क़ हुआ और मेरा खुदा बदल गया........###

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मैं घर से तेरी तमन्ना पहन के जब निकलूँ,
बरहना शहर में कोई नज़र ना आए मुझे........###

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मैं फ़रमाईश हूँ उसकी, वो इबादत है मेरी,
इतनी आसानी से कैसे निकाल दूँ उसे अपने दिल से,
मैं ख्वाब हूँ उसका, वो हकीकत है मेरी........###

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फिर इश्क़ का जूनून चढ़ रहा है सिर पे,
मयख़ाने से कह दो दरवाज़ा खुला रखे........###

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क्या जरूरत है मुझे इतर की बदन पर लगाने के लिए,
तेरा ख्याल ही बहुत है मुझे महकाने के लिए........###

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देखो आपकी आँखों से गुफ्तगू करके साहब,
मेरी आँखों ने भी बोलना सीख लिया........###

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देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं, 
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं, 
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर, 
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं........###

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लोग पूछते हैं कौन सी दुनिया में जीते हो,
हमने भी कह दिया मोहब्बत में दुनिया कहाँ नजर आती है........###

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अकेले हम ही शामिल नहीं हैं इस जुर्म में जनाब,
नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे........###

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तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो छीन लेते दुनिया से,
इश्क तेरी रूह से है इसलिए खुदा से मांगते हैं तुझे........###

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शब्दों को होठों पर रखकर दिल के भेद ना खोलो,
मैं आँखों से सुन सकता हूँ तुम आँखों से बोलो........###

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यह कौन शरमा रहा है, यूँ फ़ुर्सत में याद कर के,
कि हिचकियाँ आना तो चाहती हैं, पर हिच-किचा रही हैं........###

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जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की,
जो मजा न दे, वह मस्ती किस काम की,
जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की,
हम आपको याद न करें, तो फिर ये मोहब्बत किस काम की........###

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नकाब तो उनका सिर से लेकर पाँव तक था,
मगर आँखें बता रही थी कि मोहब्बत की शौकीन वो भी थी........###

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फ़क़ीर मिज़ाज़ हूँ मैं, अपना अंदाज़ औरों से जुदा रखता हूँ;
लोग मंदिर मस्जिदों में जाते हैं, मैं अपने दिल में ख़ुदा रखता हूँ........###

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कुछ और भी हैं काम हमें ऐ ग़म-ए-जानाँ,
कब तक कोई उलझी हुई ज़ुल्फ़ों को सँवारे........###

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माना कि उनमें अलग कुछ भी नहीं है,
मगर जो बात उसमें है किसी और में नही है........###

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हमने जब कहा नशा शराब का लाजवाब है,
तो उसने अपने होठो से सारे वहम तोड़ दिए........###

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अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है,
मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है........###

************************

तू नाराज न रहा कर तुझे वास्ता है खुदा का,
एक तेरा ही चेहरा खुश देख कर तो हम अपना गम भुलाते हैं........###

************************

ये आशिकोँ का शहर है जनाब,
यहाँ सवेरा सूरज से नही, किसी के दीदार से होता है........###

************************

अक्सर नींदें चुरा लेता हूँ देखो रिस्क ही रिस्क हूँ मैं,
बिन बताये दिल में उतर जाता हूँ इश्क़ ही इश्क़ हूँ मैं........###

************************

मैं कुछ कहूँ और तेरा ज़िक्र ना आये,
उफ्फ, ये तो तौहीन होगी, तेरी चाहत की........###

************************

ज़िन्दगी के किस मोड़ पर ले आई है यह जवानी भी,
जलना होगा या डूबना होगा "अक्स" इश्क़ आग भी है और पानी भी........###

************************

बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले तू हर हाल मे कबूल है........###

************************

सब पूछते हैं मुझ से क्यों रातों को मैं जागता हूँ और दिन में खोया हुआ सा रहता हूँ,
चुप रहूँ या कह दूँ अब सब से कि इस बेचैन दिल की वजह तुम हो........###

************************

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नही देता........###

****************************

तेरा अक्स गढ़ गया है आँखों में कुछ ऐसा,
सामने खुदा भी हो तो दिखता है हू-ब-हू तुझ जैसा........###

************************

मुझ से रूठकर वो खुश है तो शिकायत ही कैसी, 
अब मैं उनको खुश भी ना देखूं तो हमारी मोहब्बत ही कैसी........###

************************

तुझे कोई और भी चाहे इस बात से दिल थोड़ा जलता है,
पर फखर है मुझे इस बात पर कि हर कोई मेरी पसंद पे ही मरता है........###

************************

हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है........###

************************

तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी,
एक हम हैं कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे........###

************************

ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ........###

************************

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है;
मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है........###

************************

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पिलायें;
मजा तो तब ही पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको हो जाये........###

************************

मुद्दत के बाद उसने जो आवाज़ दी मुझे,
कदमों की क्या बिसात थी, साँसे ठहर गयीं........###

**************************

मैंने अपने आप को हमेशा बादशाह समझा,
एहसास तब हुआ जब तुझे माँगा फकीरों की तरह........###

*********************

हमने जब कहा नशा शराब का लाजवाब है,
तो उसने अपने होठो से सारे वहम तोड़ दिए........###

************************

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है,
मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है........###

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तू नाराज न रहा कर तुझे वास्ता है खुदा का,
एक तेरा ही चेहरा खुश देख कर तो हम अपना गम भुलाते हैं........###

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ये आशिकोँ का शहर है जनाब,
यहाँ सवेरा सूरज से नही, किसी के दीदार से होता है........###

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अक्सर नींदें चुरा लेता हूँ देखो रिस्क ही रिस्क हूँ मैं,
बिन बताये दिल में उतर जाता हूँ इश्क़ ही इश्क़ हूँ मैं........###

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मैं कुछ कहूँ और तेरा ज़िक्र ना आये,
उफ्फ, ये तो तौहीन होगी, तेरी चाहत की........###

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ज़िन्दगी के किस मोड़ पर ले आई है यह जवानी भी,
जलना होगा या डूबना होगा "अक्स" इश्क़ आग भी है और पानी भी........###

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बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले तू हर हाल मे कबूल है........###

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सब पूछते हैं मुझ से क्यों रातों को मैं जागता हूँ और दिन में खोया हुआ सा रहता हूँ,
चुप रहूँ या कह दूँ अब सब से कि इस बेचैन दिल की वजह तुम हो........###

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नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नही देता........###
हमने जब कहा नशा शराब का लाजवाब है,
तो उसने अपने होठो से सारे वहम तोड़ दिए........###

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अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है,
मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है........###

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तू नाराज न रहा कर तुझे वास्ता है खुदा का,
एक तेरा ही चेहरा खुश देख कर तो हम अपना गम भुलाते हैं........###

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ये आशिकोँ का शहर है जनाब,
यहाँ सवेरा सूरज से नही, किसी के दीदार से होता है........###

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अक्सर नींदें चुरा लेता हूँ देखो रिस्क ही रिस्क हूँ मैं,
बिन बताये दिल में उतर जाता हूँ इश्क़ ही इश्क़ हूँ मैं........###

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मैं कुछ कहूँ और तेरा ज़िक्र ना आये,
उफ्फ, ये तो तौहीन होगी, तेरी चाहत की........###

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ज़िन्दगी के किस मोड़ पर ले आई है यह जवानी भी,
जलना होगा या डूबना होगा "अक्स" इश्क़ आग भी है और पानी भी........###

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बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले तू हर हाल मे कबूल है........###

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सब पूछते हैं मुझ से क्यों रातों को मैं जागता हूँ और दिन में खोया हुआ सा रहता हूँ,
चुप रहूँ या कह दूँ अब सब से कि इस बेचैन दिल की वजह तुम हो........###

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नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नही देता........###

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तेरा अक्स गढ़ गया है आँखों में कुछ ऐसा,
सामने खुदा भी हो तो दिखता है हू-ब-हू तुझ जैसा........###

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मुझ से रूठकर वो खुश है तो शिकायत ही कैसी, 
अब मैं उनको खुश भी ना देखूं तो हमारी मोहब्बत ही कैसी........###

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तुझे कोई और भी चाहे इस बात से दिल थोड़ा जलता है,
पर फखर है मुझे इस बात पर कि हर कोई मेरी पसंद पे ही मरता है........###

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हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है........###

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तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी,
एक हम हैं कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे........###

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ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ,
मुझे तुम से मोहब्बत है बताना भूल जाता हूँ,
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है,
मैं रास्ता याद रखता हूँ ठिकाना भूल जाता हूँ........###

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अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है;
मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है........###

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बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पिलायें;
मजा तो तब ही पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको हो जाये........###

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मुद्दत के बाद उसने जो आवाज़ दी मुझे,
कदमों की क्या बिसात थी, साँसे ठहर गयीं........###

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मैंने अपने आप को हमेशा बादशाह समझा,
एहसास तब हुआ जब तुझे माँगा फकीरों की तरह........###

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तेरे जल्वों ने मुझे घेर लिया है ऐ दोस्त,
अब तो तन्हाई के लम्हे भी हसीं लगते हैं........###

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ये न जाने थे कि उस महफ़िल में दिल रह जाएगा,
हम ये समझे थे चले आएँगे दम भर देख कर........###

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छीनकर हाथों से जाम वो इस अंदाज़ से बोली,
कमी क्या है इन होठों में जो तुम शराब पीते हो........###

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ये याद है तुम्हारी या यादों में तुम हो,
ये ख्वाब हैं तुम्हारे या ख्वाबों में तुम हो,
हम नहीं जानते हमें बस इतना बता दो,
हम जान हैं तुम्हारी या हमारी जान तुम हो........###

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इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतश ग़ालिब,
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने........###

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मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो,
दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो........###

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अज़ीज़ इतना ही रखो कि जी संभल जाये,
अब इस कदर भी ना चाहो कि दम निकल जाये........###

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मुझको चाहते होंगे और भी बहुत लोग,
मगर मुझे मोहब्बत सिर्फ अपनी मोहब्बत से है........###

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दूर रह कर भी जो समाया है मेरी रूह में;
पास वालों पर वो शख्स कितना असर रखता होगा........###

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यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इन्तहा,
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल से........###

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कर दे इश्क़ में अपने मदहोश तरह कि,
होश भी आने से पहले इज़ाज़त माँगे........###

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मोहब्बत का कोई रंग नहीं फिर भी वो रंगीन है,
प्यार का कोई चेहरा नहीं फिर भी वो हसीन है........###

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होगी कितनी चाहत उस दिल में,
जो खुद ही मान जाये कुछ पल खफा होने के बाद........###

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मत देखो हमें तुम यूँ इस कदर,
इश्क़ तुम कर बैठोगे और इलज़ाम हम पे लग जायेगा........###

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देख लेते हो मोहब्बत से यही काफी है,
दिल धड़कता है सहूलत से यही काफी है,
हाल दुनिया के सताए हुए कुछ लोगों का,
पूछ लेते हो शरारत से यही काफी है........###

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तुम को चाहने की वजह कुछ भी नहीं,
बस इश्क़ की फितरत है बेवजह होना........###

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तुम्हारी आँखों में बसा है आशियाना मेरा,
अगर ज़िन्दा रखना चाहो तो कभी आँसू मत लाना........###

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गुफ्तगू उनसे होती यह किस्मत कहाँ,
ये भी उनका करम है कि वो नज़र तो आये........###

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सजा है मौसम तुम्हारी महक से आज फिर;
लगता है हवायें तुम्हें छू कर आयी हैं........###

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चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं;
मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं;
बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो;
इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं........###


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