2 line shayari facebook 2016



बेगुनाह होकर भी गुनाह कबूल लेता हूँ......$$$$$
इल्जाम तुमने लगाया है गलत कैसे कहूँ......$$$$$



करोडो की दुआ वो एक रुपये में दे गया,
पता नहीं चलता गरीब वोह था या में......$$$$$



छीन कर हाथो से सिगरेट वो कुछ इस अंदाज़ से बोली,
कमी क्या है इन होठों में जो तुम सिगरेट पीते हो......$$$$$


अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना !
लौट कर फूलों में वापस नहीं आती खुशबू.......$$$$$


दूध का जला हूँ यारो, छाछ फूंक कर पीता हूँ
लोग मर कर जलते होंगे, मैं जल के जीता हूँ......$$$$$


❝लोग कहते हैं कि मेरा दिल ❤ पत्थर का है..
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे..जो इसे भी तोड़ गए.......$$$$$


खामोशियाँ कर दें बयां, तो अलग बात है,
कुछ दर्द ऐसे भी हैं, जो लफ़्जों में उतारे नहीं जाते.......$$$$$


मिल सके जो आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है......$$$$$
जिद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं।......$$$$$


शौक से तोडो दिल मेरा, मुझे क्या परवाह…
तुम्ही रहते हो इसमें, अपना ही घर उजाड़ोगे.......$$$$$


कांच के टुकड़े बनकर बिखर गयी है ज़िन्दगी मेरी…
किसी ने समेटा ही नहीं…हाथ ज़ख़्मी होने के डर से......$$$$$


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