2017 हर्ट टचिंग लाइन






मेरा दिल भी कितना भोला है टूट कर रोते हुए भी....!!!
अपने सनम की जिंदगी की ख़ुशी की दुआ मांगता हैं....!!!


देश में बढ़ रहा है खज़ाना
मगर फिर भी अमीरों की भूख
मिटती नज़र नहीं आती....!!!

देश में अन्न भंडार बढ़ा है
पर सो जाते हैं कई लोग भूखे
उनकी भूख मिटती नज़र नहीं आती....!!!

सभी बेच रहे हैं सर्वशक्तिमान के दलाल
शांति....!!! अहिंसा और गरीबों का ख्याल रखने का संदेश
मगर इंसानों पर असर होता हो
ऐसी स्थिति नहीं बन पाती....!!!

फरिश्ते टपका रहे आसमान से तोहफे
लूटने के लिये आ जाते लुटेरे....!!!
धरती मां बन देती खाने के दाने....!!!
मगर रुपया बनकर
चले जाते हैं वह अमीरों के खातों में....!!!
दिन की रौशनी चुराकर
महफिल सज़ाते वह रातों में....!!!
भलाई करने की दुकानें बहुत खुल गयीं हैं
पर वह बिना कमीशन के कहीं बंटती नज़र नहीं आती....!!!


लोग मुझे बुरा कहते और बुरा समझते है....!!!
कुछ न कुछ सच्चाई तो जरूर होगी उनके बातों में....!!!




उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको
और हम....!!!....!!!....!!!
उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं....!!!



आगे सफर था और पीछे हमसफर था....!!!
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता....!!!
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी....!!!
ए दिल तू ही बता....!!! उस वक्त मैं कहाँ जाता....!!!
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हमसफर भी था....!!!
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते

यूँ समँझ लो....!!!....!!!....!!!

प्यास लगी थी गजब की मगर पानी मे जहर था....!!!
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते....!!!




लौट आओ न....!!!....!!!....!!!
और आकर सिर्फ
इतना कह दो....!!!....!!!....!!!
मैं भटक गयी थी....!!!
थी भी तुम्हारी और
हूँ भी तुम्हारी ही....!!!....!!!....!!!....!!!

दर्द कितना खुशनसीब है
जिसे पा कर लोग अपनों को याद करते हैं....!!!
दौलत कितनी बदनसीब है
जिसे पा कर लोग अक्सर अपनों को भूल जाते है ....!!!




माना के मुमकिन नही तेरा मेरा हो जाना....!!!....!!!....!!!
पर सुना है इस दुनिया में चमत्कार बहुत होते है ....!!!


मशरूफ रहने का अंदाज़
तुम्हें तनहा ना कर दे ग़ालिब....!!!
रिश्ते फुर्सत के नहीं
तवज्जो के मोहताज़ होते हैं....!!!....!!!....!!!....!!!


चमक सूरज की नहीं मेरे किरदार की है....!!!
खबर ये आसमाँ के अखबार की है....!!!

मैं चलूँ तो मेरे संग कारवाँ चले....!!!
बात गुरूर की नहीं....!!! ऐतबार की है....!!!....!!!



कुछ उम्र की पहली मंजिल थी....!!!
कुछ रस्ते थे अनजान बहुत....!!!
कुछ हम भी पागल थे लेकिन....!!!
कुछ वो भी था नादान बहुत....!!!
कुछ उसने भी न समझाया....!!!
ये प्यार नहीं आसान बहुत....!!!
आखिर हमने भी खेल लिया....!!!
जिस खेल में था नुकसान बहुत ....!!!



गुजरे हैं इश्क़ में हम इस मुकाम से
नफरत सी हो गई है मोहब्बत के नाम से
हम वह नहीं जो मोहब्बत में रो कर के
जिंदगी को गुजार दे....!!!....!!!....!!!
अगर परछाई भी तेरी नजर आ जाए
तो उसे भी ठोकर मार दें....!!!


तेरी नफरतों को प्यार की खुशबु बना देता....!!!
मेरे बस में अगर होता तुझे उर्दू सीखा देता....!!!


नफरत करने वाले भी गज़ब का प्यार करते हैं मुझसे....!!!
जब भी मिलते है कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं ....!!!




देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना
नफरत बता रही है....!!!....!!!....!!!
तूने मोहब्बत गज़ब की की थी ....!!!



वो वक़्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरज़ू थी....!!!
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सज़दा न करूँ ....!!!


प्यार एक खूबसूरत एहसास हैं....!!!
इसको अपने दिल में छिपाये....!!!
ये कोई बिकाऊ चीज नहीं इसलिए
दूसरों को बताकर इसकी नुमाइश ना लगाये....!!!


क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ....!!!
जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते हैं तुझे....!!!


जीत किसके लिए हार किसके लिए....!!!
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए....!!!
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन....!!!
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए....!!!



किस्मत की लकीरों में नहीं था नाम उसका शायद....!!!
जबकि उनसे मुलाकात तो हर रोज़ होती थी....!!!



काश किसी ने हमे दिल से पहचाना होता....!!!
थोड़े से ख़ुशी के लिए हमने ग़मों से दोस्ती करना सीख लिया....!!!

कहाँ किसी के लिए है मुमकिन....!!!
सब के लिए एक सा होना....!!!
थोड़ा सा दिल मेरा बुरा है....!!!
थोड़ा भला है सीने में....!!!



कयामत के रोज फरिश्तों ने पूछा
तुझे आखिरी ख्वाहिश में क्या चाहिए....!!!
मैं मुस्कुराते हुए बोला
मेरी मोहब्बत की मुकम्मल झलक चाहिए....!!!




शायरी से इस्तीफ़ा दे रहा हूँ साहब....!!!
जब दर्द हमको सहना है....!!!....!!!....!!!
तो उसका तमाशा क्यों बनाना....!!!



इश्क़ एक बहुत जहरीला जंगल है साहब....!!!
यहां सांप नहीं हमसफ़र डसा करते हैं....!!!




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