हिंदी में बेवफा शायरी

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दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता........@@@
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में........@@@
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता........@@@

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तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो........@@@
मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो।
मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो........@@@
तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो..........@@@

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खामोशी से बिखरना आ गया है........@@@
हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,
किसी को बेवफा कहते नहीं हम........@@@
हमें भी अब बदलना आ गया है,
किसी की याद में रोते नहीं हम........@@@
हमें चुपचाप जलना आ गया है,
गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो........@@@
हमें कांटों पे चलना आ गया है..?

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तक़दीर ने हमें आज़माया बहुत........@@@
हमने उसे मनाया बहुत
जिसकी ज़िंदगी ख़ुशियों से सजा दी........@@@
उसी शख़्स नें हमें रुलाया बहुत

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पल पल उसका साथ निभाते हम........@@@
एक इशारे पर दुनिया छोड जाते हम
समदर के बीच मै पहुचॅ कर फरेब किया उसने........@@@
वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम........@@@

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एक दिन ऐसा आएगा सल्तनत भी मेरी होगी........@@@
और ‪हुकूमत‬ भी मेरी होगी
बस फर्क सिर्फ इतना होगा कि वहाँ........@@@
राजा मै होऊँगा और मुजरे_वाली तू होगी........@@@

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टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी........@@@
मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से........@@@
के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी........@@@

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मौसम मे जुदाई के गर तेरा दीदार हो जाये ........@@@
तो मेरा दिल भी सनम तेरा कर्जदार हो जाये ।
तुम जो छोङ कर गये हो हमको तन्हां........@@@
है बद्दुवा मेरी की तुम को भी प्यार हो जाये ........@@@

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वादा-ए-वफ़ा करो तो
फिर खुद को फ़ना करो........@@@
वरना खुदा के लिए
किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो........@@@

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कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे........@@@
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए........@@@
हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे........@@@


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सुकून ऐ दिल के लिए कभी
हाल ही पूँछ लिया करो........@@@
मालूम तो हमें भी है कि हम
आपके अब कुछ नहीं लगते.........@@@

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तेरे जाने से कुछ नही बदला,
बस पहले जहां दिल होता था........@@@
अब वहां दर्द होता है........@@@

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ज़रा सी बात पे ना छोड़ना किसी का दामन
उम्रें बीत जाती हैं दिल का रिश्ता बनाने में ........@@@

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मुझसे ‘नफरत’ तभी करना........@@@
जब आप मेरे बारे मे ‘सबकुछ’ जानते हो
तब नहीं जब किसी से ‘कुछ’ सुना हो ........@@@

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मैं कई अपनों से वाक़िफ़ हूँ
जो पत्थर के बने हैं ........@@@

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मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना
कोई इत्फाक नहीं........@@@
किसी ने बहुत कोशिश की है
मुझे इस हाल तक पहुँचाने में........@@@

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छोड़ दिया हमने उसका दीदार करना
हमेशा के लिए........@@@
जिसको प्यार की कदर ना हो
उसे मुड़ मुड़ के क्या देखना........@@@

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इतनी शिद्दत से चाहा जाए
तो पत्थर भी अपने हो जाते हैं

ऐ खुदा..........@@@

न जाने ये मिट्टी का इनसान
इतना मगरूर क्यों होता है........@@@

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मोहब्बत का मेरा सफर आखिरी है........@@@
ये कागज, कलम ये गजल आखिरी है,
मैं फिर मिलूं ना मिलूं कहीं ढूंढ लेना........@@@
तेरे दर्द का ये असर आखिरी है........@@@

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ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं........@@@
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी........@@@
हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं........@@@


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