सच्ची मोहब्बत hindi shayari


उसकी आँखे बयां करती होंगी मेरी बेपन्हा मोहब्बत..शायद..
इसीलिए  .........$$$$$
नजर झुक जाती है उसकी मेरी गली से गुज़रते हुए .........$$$$$


हमारी खामोशी हमारी आहट है,
हमारी आंखें हमारी चाहत हैं .........$$$$$
हमारी जिंदगी अगर खूबसूरत है,
तो उसकी वजह बस आपकी मुस्कुराहट है .........$$$$$


एक रोज हम जुदा हो जाएंगे,
ना जाने कहाँ खो जाएंगे. .........$$$$$
तुम लाख पुकारोगे हम को .........$$$$$
पर लौट कर हम ना आयेंगे ।
थक हार के दिन के कामों से,
जब रात को सोने आओगे .........$$$$$
देखोगे जब फोन को अपने,
पैगाम मेरा ना पाओगे .........$$$$$
तब याद तुम्हें हम आयेंगे,



 मेरे प्यार को दिल्लगी समझकर तूने बदनाम किया।
तेरे दिलकी दास्तान सुनकर तुझ पे एतबार किया .........$$$$$
मेरे दिल की लगी को तूने झूठ का नाम दिया।
झूठा ही सही मेरे प्यार को तूने नाम तो दिया .........$$$$$


नज़र ठहरी है इक चेहरे पे जा कर,
मैं खुश हूँ आज इस महफ़िल में आ कर .........$$$$$
जमाना ढूँढता है मुझ को…. मुझ में,
मैं तुझ में खो गया हूँ.. तुझ को पा कर .........$$$$$


जिंदगी को और भी हँसीन बना लेते हैं .........$$$$$
ख़्वाबों को और भी रंगीन बना लेते हैं ।
खत्म और करते हैं दो दिलों की दूरियाँ .........$$$$$
प्यार अपना और बेहतरीन बना लेते हैं ।


शौक से तोडो दिल मेरा, मुझे क्या परवाह .........$$$$$
तुम्ही रहते हो इसमें, अपना ही घर उजाड़ोगे.. .........$$$$$


अभी मौत आई थी हमारे पास गुस्से मे,
बोल गई “जान ले लुँगी तेरी .........$$$$$
मैने भी हँस कर कहा तु जिस्म लेजा,
जान तो कोई और ले गई .........$$$$$


मिल सके जो आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है .........$$$$$
जिद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं .........$$$$$


काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था,
खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था .........$$$$$
कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में,
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था .........$$$$$

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