New Dard Bhari Shayari 2016

तू मेरा सपना, मेरा अरमान है पर.........@@@
शायद तू अपनी अहमियत से अंजान है,
मुझसे कभी भी रूठ मत जाना आप.........@@@
क्यूंकि मेरी दुनिया आप के बिना वेरान है...........@@@

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बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है.........@@@
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है ।
तड़प उठता हूँ दर्द के मारे.........@@@
ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है ।
अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ.........@@@
मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है।

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यूँ तो इस दर्द की इन्तहा कुछ नहीँ.........@@@
गिला ये है कि जाते हुए कहा कुछ नहीँ,
ताकते रहे बस जाने से पहले वो.........@@@
लब कुछ तो कह रहे थे,
क्यों सुना कुछ नहीँ.........@@@

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खरीद सकते उन्हें तो.........@@@
अपनी जिंदगी देकर भी खरीद लेते ,
पर कुछ लोग “कीमत” से नही.........@@@
“किस्मत” से मिला करते हैं .........@@@

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झूठ बोलते है वो जो कहते हैं.........@@@
हम सब मिट्टी से बने हैं
मैं कईं अपनों से वाक़िफ़ हूँ.........@@@
जो पत्थर के बने हैं


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हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं .........@@@
कभी किस्मत से टूट जाते हैं ,
कभी लोग तोड़ जाते हैं.........@@@


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वो बेवफा नहीं है , हमको यकीन है.........@@@
बस इम्तहान लेने का खुदा शौकीन है
न आने का सबब महज मजबूरियाँ रही होंगी.........@@@
वरना दोस्ती के कितने ही उनके लम्हे हसीन हैं.........@@@

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ज़िंदगी में कभी प्यार करने का मन हो तो.........@@@
अपने दुखों से प्यार करना क्योंकि.........@@@
दुनिया का दस्तूर है
जिसे जितना चाहोगे उसे उतना दूर पाओगे.........@@@

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ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं.........@@@
हैरत से ना देख कोई मंज़र नही हूँ मैं,
उनकी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही.........@@@
मगर उनसे पूछो जिन्हें हासिल नही हूँ मैं.........@@@

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कितनी आसानी से कह दिया तुमने.........@@@
की बस अब तुम मुझे भूल जाओ,
साफ साफ लफ्जो मे कह दिया होता.........@@@
की बहुत जी लिये अब तुम मर जाओ..........@@@


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उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था.........@@@
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम.........@@@
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था.........@@@

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मुझे तलाश है एक रुह की.........@@@
जो मुझे दिल से प्यार करे.
वरना इंसान तो.........@@@
पैसों से भी मिल जाया करते हैं.........@@@

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मुझे ढूंढने की कोशिश अब न किया कर.........@@@
तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली...........@@@

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मोहब्बत के रास्ते कितने भी मखमली क्यो न हो.........@@@
खत्म तन्हाई के कम्मबल मे ही होते है.........@@@

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तलाश हे एक ऐसे सख्स की.........@@@
जो आँखों में उस वक्त दर्द देख ले
जब दुनिया हमसे कहती हे.........@@@
क्या यार तुम मुस्कुराते बहुत हो


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मुलाक़ातें तो आज भी हो जाती है तुमसे...........@@@
ख़्वाब किसी “ताले” के मोहताज नही हैं..
तेरी आँखों से यून तो सागर भी पिए हैं मैने...........@@@
तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने..

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साकी पिला रहा है और मैं पिए जा रहा हूँ.........@@@
हर सांस पर बस नाम तेरा लिए जा रहा हूँ ,
ख्वाइश तो मरने की है फिर भी जिए जा रहा हूँ.........@@@
जो आगाज़ तुम ने किया था मेरी बर्बादिओं का मैं उन्हें अंजाम दिए जा रहा हूँ..........@@@


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