Romantic Mohabbat Sher O Shayeri




  • ये मेरी जीस्त की सबसे बड़ी तमन्ना थी,
  • वो मेरे पास मेरे नाम की तरह रहता

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  • क्या हुस्न क्या ज़माल है क्या रंग रूप है,
  • वो भीड़ में भी जाये तो तन्हा दिखाई दे

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  • ए आलम-ए-वक़्त कोई ऐसा फतवा दे,
  • जो मोहब्बत में वफ़ा न करे वो काफ़िर ठहरे

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  • ग़रीब-ए-शहर तो फाके से मर गया,
  • अमीर-ए-शहर ने हीरे से ख़ुदकुशी कर ली

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  • मैं खुदा की नज़रों में भी गुनाहगार होता हूँ,
  • जब सजदों में भी मुझे वो शख्स याद आता है

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  • कितने मासूम है ज़माने के लोग,
  • क़त्ल करके पूछते हैं जनाज़ा किसका है

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  • पुछा जो उसने चाँद निकलता है किस तरह?
  • जुल्फों को रुख पे डाल के झटका दिया, के यूँ

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  • शहर भर में मजदूर जैसे दर-बदर कोई न था,
  • जिसने सबका घर बनाया, उसका घर कोई न था...

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  • क्या बात हे रिहान जी बहुत जबरदस्त शायरियां हे

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  • वो बरसों बाद मिला तो गले से लिपट कर रोने लगा,
  • जाते हुए जिसने कहा था तुम जैसे लाखों मिलेंगे 

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  • ना कर प्यार इतना की बेवफा बन जाये ...
  • संभल जा ज़िन्दगी अभी बाकि है कही औत ना हो जाये

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  • उत्साह बढाकर मन प्रसन्न कर दिया मित्र आपने
  • आप दोनों का ह्रदय से आभारी हूँ
  • आशा है ऐसे ही होसला बढ़ाते रहेंगे..

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  • सीने से लगा के कहा करती थी माँ मुझ को
  • तू लाल है मेरा ना सता मुझको
  • पछताएगा इक दिन जब मैं चली जाऊँगी
  • ना चाहते हुए भी अकेला छोड़ जाऊँगी
  • ज़माना दिखाएगा गर्मी की शिद्दत तुझको
  • याद करके रोएगा तू फिर मुझको
  • मुद्दत से मेरी माँ ने सीने से नहीं लगाया
  • अब सो गयी ख़ाक में जब कुछ कहने का वक़्त आया

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  • सीने से लगा के कहा करती थी माँ मुझ को
  • तू लाल है मेरा ना सता मुझको
  • पछताएगा इक दिन जब मैं चली जाऊँगी
  • ना चाहते हुए भी अकेला छोड़ जाऊँगी
  • ज़माना दिखाएगा गर्मी की शिद्दत तुझको
  • याद करके रोएगा तू फिर मुझको
  • मुद्दत से मेरी माँ ने सीने से नहीं लगाया
  • अब सो गयी ख़ाक में जब कुछ कहने का वक़्त आया


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  • जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर
  • या वो जगह दिखा दे जहाँ खुदा न हो

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  • हर दवा दर्द को बढ़ा ही दे 
  • अब तो इ दिल उसे भुला ही दे

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  • जीते जी मुझे उठाकर ,वो दफनाने को ले चले
  • दो चार नफज बची थी , वो और इंतजार न कर सके

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  • उसको देखते ही मुझे मौत आ जाये 
  • वो कितने हसीन हे ,उन्हें यकीं तो आये

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  • वो पूछते हे की दर्द क्या यहाँ क्या यहाँ हे 
  • नादान को इतना भी नाही मालूम की दिल होता कहा हे

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  • हमने यह सोचकर साकी को गले से लगाया हे 
  • की इसको भी तो खुदा ने कुछ सोचकर बनाया हे

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  • हर दवा दर्द को बढ़ा ही दे 
  • अब तो इ दिल उसे भुला ही दे 



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  • सबनेमिलाये हाथ यहाँ तीरगी के साथ ,

  • कितना बड़ा मज़ाक हुआ रौशनी के साथ ।

  • किस काम की रही ये दिखावे की ज़िन्दगी,

  • वादे किये किसी से गुजारी किसी के साथ ।

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  • करके मोहब्बत अपनी खता हो.. ऐसा भी हो सकता है..
  • वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

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  • अब “दोस्त” मैं कहूं या, उनको कहूं मैं “दुश्मन”..
  • जो मुस्कुरा रहे हैं,खंजर छुपा के अपने पीछे..

  • तुम चांद बनके जानम, इतराओ चाहे जितना..
  • पर उसको याद रखना, रोशन हो जिसके पीछे..

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  • ये जो ज़िन्दगी की किताब है..
  • ये किताब भी क्या खिताब है..
  • कहीं एक हसीं सा ख्वाब है..
  • कही जान-लेवा अज़ाब है..

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  • वो दिल ही क्या जो तेरे मिलने की दुआ ना करे..

  • मैं तुझको भूल के ज़िन्दा रहूं, ये खुदा ना करे..

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  • आंख से आंख मिला, बात बनाता क्यूं है..

  • तू अगर मुझसे खफ़ा है, तो छिपाता क्यूं है..?

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  • उजड़ी-उजड़ी सी हर एक आस लगे
  • जिन्दगी राम का वनवास लगे
  • तू कि बहती हुई नदिया के समान
  • तुझको देखूँ तो मुझे प्यास लगे

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  • ये हमसे न होगा कि किसी एक को चाहें
  • अय इश्क़ हमारी न तेरे साथ बनेगी

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  • उस नज़र की उस बदन की गुनगुनाहट तो सुनो
  • एक-सी होती है हर इक रागिनी ये मत कहो

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  • सोचो तो बडी चीज़ है तहज़ीब बदन की
  • वरना तो बदन आग बुझाने के लिए है

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  • कहते हैं किसे प्यार ज़माने को दिखा दे
  • दुनिया की नज़र इश्क़ के क़दमों पे झुका दे

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  • दीवाना महब्बत का कहीं डर के रुका है
  • दरबार में शाहों के कहीं इश्क़ झुका है

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  • ज़िन्दगी ये तो नहीं तुझको सँवारा ही न हो
  • कुछ न कुछ हमने तेरा कर्ज़ उतारा ही न हो
  • शर्म आती है कि उस शह में हम हैं कि जहाँ
  • न मिले भीक तो लाखों का गुज़ारा ही न हो

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  • तन्हाई का एक और मज़ा लूट रहा हूँ ,

  • मेहमां मेरे घर में बहुत आये हुए हैं.....

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  • पत्थर हमारे सहन में आये ,ख़ुशी हुयी ,

  • गम तो गया की लोग हमे जानते नहीं.....

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  • अपनी मर्ज़ी के मुताबिक कब दुनिया किसको मिली ,

  • दुनियादारी भी ज़रुरत है , चलो यूँ ही सही.....

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  • जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर
  • या वो जगह दिखा दे जहाँ खुदा न हो 
  • अच्छी शायरी पेश की है मित्र
  • इस शेर पर इन महान शायरों ने कुछ इस तरह तुकबंदियाँ की

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  • जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर,
  • या वो जगह बता जहाँ खुदा नहीं..
  • इकबाल:- 
  • मस्जिद खुदा का घर है पीने की जगह नहीं,
  • काफ़िर के दिल में जा वहां खुदा नहीं..

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  • काफ़िर के दिल से आया हूँ मैं ये देखकर,
  • खुदा मौजूद है वहां उसको पता नहीं..

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  • किसी को मकां मिला,किसी के हिस्से में दुकां आई,

  • मैं घर में सबसे छोटा था,मेरे हिस्से में माँ आई..... 

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  • रंजिश ही सही , दिल को दुखाने के लिए आ,

  • आ फिर से मुझे , छोड़ जाने के लिए आ.....

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  • जिंदगी में खूब कमाया , क्या हीरे क्या मोती ,

  • क्या करूँ मगर कफ़न में जेबें नहीं होती......

  • वाह वाह अभी और कितने टेलेन्ट दिखाने बाकि हे मित्र

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  • यही है ज़िन्दगी कुछ ख्वाब, चंद उम्मीदें
  • इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो

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  • दिल में है उमंग, कफ़न में जेब नहीं तो क्या?
  • कमाते चलो उड़ाते चलो...दुनिया हमसे जले तो क्या??


  • जिंदगी में खूब कमाया , क्या हीरे क्या मोती ,

  • क्या करूँ मगर कफ़न में जेबें नहीं होती......

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  • जहां पेड़ पर चार दाने लगे,
  • हज़ारों तरफ से निशाने लगे

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  • ये भी एक तमाशा है बाज़ार-ए-उल्फत में ''ग़ालिब''
  • दिल किसी का होता है और बस किसी का चलता है

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  • यह दुनिया एक लम्हे में तुम्हे बर्बाद कर देगी,
  • मोहब्बत मिल भी जाये तो उसे मशहूर मत करना

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  • वो बरसों बाद मिला तो गले से लिपट कर रोने लगा,
  • जाते हुए जिसने कहा था तुम जैसे लाखों मिलेंगे

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  • उसकी हथेली पर अपना नाम देख कर बहुत ख़ुशी हुई,
  • उसने बड़े मासूम लहजे में कहा तेरे हमनाम और भी हैं

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  • गले लिपटे है वो बिजली के डर से,
  • इलाही ये घटा दो दिन तो बरसे

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  • सबब रोने का अगर पूछे वो, तो फक़त इतना कह देना
  • मुझे हँसना नहीं आता, जहाँ पर तुम नहीं होते

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