तेरा मेरा इश्क shayari images 2018


तुम को तो जान से प्यारा बना लिया; 
दिल का सुकून आँख का तारा का बना लिया; 
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी; 
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया....!!!


ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा, 
क्योंकि हस्र की परवाह मैं नहीं करता, 
फनाह होना तो रिवायत है तेरी, 
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता...!!!


एहसास-ए-मुहब्बत के लिए 
बस इतना ही काफी है, 
तेरे बगैर भी हम, तेरे ही रहते हैं...!!!


दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया, 
लोगों ने हमसे पूछा कि तुम्हें क्या हो गया, 
बेकरार आँखों से सिर्फ हँस के हम रह गए, 
ये भी ना कह सके कि हमें इश्क़ हो गया...!!!


दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं, 
झुकी निगाह को इकरार कहते हैं, 
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं, 
कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं...!!!



खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं, 
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं । 
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर, 
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं....!!!


मत किया कीजिये दिन के 
उजालों की ख्वाहिशें, 
ये जो आशिक़ों की बस्तियाँ हैं 
यहाँ चाँद से दिन निकलता है...!!!


खिड़की से झांकता हूँ मै, 
सबसे नज़र बचा कर 
बेचैन हो रहा हूँ, 
क्यों घर की छत पे आ कर 
क्या ढूँढता हूँ, 
जाने क्या चीज खो गई है, 
इन्सान हूँ, 
शायद मोहब्बत हमको भी हो गई...!!!


दिल-ए-गुमराह को 
काश ये मालूम होता, 
प्यार तब तक हसीन है, 
जब तक नहीं होता....!!!



उससे कह दो कि 
मेरी सज़ा कुछ कम कर दे, 
हम पेशे से मुज़रिम नहीं हैं 
बस गलती से इश्क हुआ था...!!!



नक़ाब क्या छुपाएगा 
शबाब-ए-हुस्न को, 
निगाह-ए-इश्क तो 
पत्थर भी चीर देती है....!!!


खतम हो गई कहानी, 
बस कुछ अलफाज बाकी हैं, 
एक अधूरे इश्क की 
एक मुकम्मल सी याद बाकी है...!!!


इश्क़ को भी इश्क़ हो तो 
फिर देखूं मैं इश्क़ को भी, 
कैसे तड़पे, कैसे रोये, 
इश्क़ अपने इश्क़ में....!!!



यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इन्तहा, 
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल से..!!!



तेरा मेरा इश्क है ज़माने से कुछ जुदा 
एक तुम्हारी कहानी है लफ्जों से भरी 
एक मेरा किस्सा है ख़ामोशी से भरा...!!!


इश्क़ तो बस मुक़द्दर है कोई ख्वाब नहीं, 
ये वो मंज़िल है जिस में सब कामयाब नहीं, 
जिन्हें साथ मिला उन्हें उँगलियों पर गिन लो, 
जिन्हें मिली जुदाई उनका कोई हिसाब नहीं...!!!


वो अच्छे हैं तो बेहतर , बुरे हैं तो भी कबूल, 
मिजाज़-ए-इश्क में ऐब-ओ-हुनर देखे नहीं जाते...!!!




वो मुझ तक आने की राह चाहता है, 
लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है, 
खुद आते जाते मौसमों की तरह है, 
और मेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता है...!!!

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