Welcome to Hindi Shayari



छुपाई जो हथेली में सूरत , उसने बातों में ,
छिपाया हो जैसे बादलों ने , चाँद रातों में..............####

**********************************

एक सच का फ़ासला है , तेरे मेरे दरमियाँ ,
झूठ का बिखरा सिला है , तेरे मेरे दरमियाँ..............####

**********************************

ज़िन्दगी जीने का बस , ऐसा तरीक़ा चाहिये ,
हमें दूसरों से प्यार हो , ऐसा सलीक़ा चाहिये..............####

**********************************

मेरी ख़्वाहिशों की बात , बस इक आस होती है ,
मगर वो मुस्कुरायें तो , बात इक ख़ास होती है ..............####

**********************************

तेरे आने का इन्तज़ार किया ,
तुझसे ज़्यादा है तुझे प्यार किया..............####

**********************************

उनसे कह दो कि वो , सपनों में , आया ना करें ,
जो कभी आयें तो , सुबह तलक , जाया ना करें..............####

जो कभी उनके , तसव्वुर में मैं , डूबा हूँ अगर ,
तो कभी भूल से , मुझको वो , जगाया ना करें..............####

मेरी आँखों में जब , दिख जाती है , सूरत उनकी ,
तो वो आईने को , ख़ुद को यूँ , दिखाया ना करें..............####

ख़ुशबू का उनकी , अहसास हो , होठों से कभी,
तो वो होठों से मेरे , होठों को , हटाया ना करें..............####

जब सिमट जाते हैं , मेरी बाहों में , मेरे वो हुज़ूर ,
तो वो चेहरे को , यूँ ज़ुल्फ़ों से , छुपाया ना करें..............####

**********************************

उनसे कह दो यूँ , सपनों में वो , आया ना करें ,
जो कभी आयें तो , सुबह तलक , जाया ना करें..............####

**********************************

मेरी तनहाई , दिल से जुदा , हो गयी है ,
ये नज़र , चाँदनी पे फ़िदा , हो गयी है..............####

**********************************

बहुत मासूम दिल है ये , मगर क़िस्मत निराली है ,
बहुत सी भीड़ है दिखती , मगर दिल फिर भी ख़ाली है..............####

**********************************

कह के ख़ुशबू को , तेरी याद , बुलाई हमने ,
तंज सुनके भी , ना फ़रियाद , भुलाई हमने..............####

**********************************

भाई दूज का टीका मैं , हमेशा ही निभाऊँगा ,
बहन की उम्मीदों को , हमेशा ही सजाऊँगा ,
रेशम के कच्चे धागे से , बँधा है रिश्ता हमारा ,
इस धागे की मासूमियत , हमेशा ही बचाऊँगा..............####

**********************************

मेरी ज़िन्दगी की तू आस है , तेरे साथ ये अहसास है ,
कहीं भी जा तू कहीं भी रह , तेरी साँस में मेरी साँस है..............####

**********************************

कह दो लहरों से , छू के ना यूँ , लौट जाया करें ,
कभी कुछ पल , मेरे पहलू में भी , मुस्काया करें ..............####

**********************************

यहाँ समंदर है रेत है और है फलक ,
क्यूँ रहा लहरों से दूर मैं अब तलक..............####

**********************************

तेरे ख़्वाबों की महक , साँस मेरे , महकाती है ,
मेरी धड़कन भी , तेरा नाम बस , सुनाती है..............####

**********************************

ग़मों ने मुझको मारा है , अभी थोड़ा तो जीने दो ,
बड़ी मुद्दत से प्यासा हूँ , ज़रा दो घूँट पीने दो !

**********************************

रगों का ख़ून बहाकर भी , ग़र इक़रार होता है ,
उसको तब भी ना कोई , मेरा ऐतबार होता है..............####

**********************************

तेरे तसव्वुर में रहने की मुझे आदत है ,
क्यूँ होश में आने की कोई बात करूँ..............####

**********************************

जब से कारोबार यहाँ , मज़हब का चला है ,
तब से ना रूका , लाशों का सिलसिला है..............####

**********************************

मेरी क़श्ती का , मुझे कोई , किनारा ना मिला ,
है फ़लक ढूंढा , मगर मेरा वो , तारा ना मिला..............####

**********************************

तेरी यादों के , साये में जाये , ये मेरी ज़िन्दगी ,
तुझ पे यूँ , दिल लुटाये , ये मेरी ज़िन्दगी ..............####

**********************************

फ़ुरसत ना उनको जफ़ा से , ना हमको वफ़ा मिली ,
जब भी मिली ये ज़िन्दगी , थोड़ी सी ख़फ़ा मिली..............####

**********************************

जफ़ा में तेरी , मेरे प्यार का , क़सूर न था ,
प्यार का तेरा , निभाना मगर , ज़रूर न था..............####

**********************************

इश्क़ का ये सिलसिला , अक्सर ग़रीब है ,
है दूर जो होता वही , लगता क़रीब है..............####

**********************************

तेरी आँखों से निकले आँसू भी पैग़ाम देते हैं ,
मेरी तनहाई का दामन चुपके से थाम लेते हैं..............####

********************************

ख़ामोशी की आवाज़ सुनने की हमें आदत है ,
तनहाई के फूल चुनने की हमें आदत है..............####

**********************************

किसको भूलूँ और किसे याद करूँ ,
इस दिल से कैसे मैं फ़रियाद करूँ ,
रहूँ तनहा तो ढूँढता हूँ अपनों को ,
और भीड़ में तनहाई आबाद करूँ..............####

**********************************

मर के भी जीता हूँ मैं हर पल यहाँ ,
पल पल जी के मर चुके हैं वो जहाँ..............####

**********************************

मिले दिलों का रंग तो , बन जाये जी जान ,
रंग मन के ना मिले , तो हर रिश्ता बेजान..............####

**********************************

ना ज़िन्दगी में कुछ भी , बेहिसाब होता है ,
हर ग़लती की सज़ा का , हिसाब होता है..............####

**********************************

तस्वीर तेरे चेहरे की , पल पल उभरती है ,
इक लहर तेरी याद की , हर पल सँवरती है..............####

**********************************

जब दुनिया से जाने की मेरी बात हुई ,
तब चीजों के बंटने की शुरूआत हुई..............####

**********************************

समंदर हूँ लहरों में , दूर तलक जाता हूँ ,
दूर आसमां से , साहिल को मिलाता हूँ ..............####

फ़लक भी है इक किनारा , उम्मीद बढ़ाता हूँ ,
नामूमकिन कुछ नहीं है , इसां को बताता हँू..............####

देखें जो मुझको आशिक़ , आँखो में प्यार लेके ,
मैं इश्क़ की नज़र में , वादे को जगाता हूँ..............####

पा लोगे जो भी चाहो , ग़र सोच हो सबर हो ,
छाती में सीप की मैं , मोती को खिलाता हूँ !

धरती को जोड़ता मैं , लोगों को मिलाता हूँ ,
साये में चाँदनी के , सूरज को दिखाता हूँ !

**********************************

समंदर हूँ लहरों में , दूर तलक जाता हूँ ,
दूर आसमां से , साहिल को मिलाता हूँ ..............####

**********************************

वक़्त की ये कैसी बिसात है ,
कहीं दिन तो कहीं रात है ..............####

**********************************

मैं हूँ आग़ का दरिया , वो बरसाता पानी है ,
इस बादल से मेरी , बहुत पहचान पुरानी है ..............####

**********************************

दुनिया की उलझी बातों को , मन में सुलझाता हूँ मैं ,
ज़ुल्फ़ों के साये में तेरे , ख़्वाबों में खो जाता हूँ मैं..............####

**********************************

आज उनकी याद में , क्यूँ मैं इतना रोता हूँ ,
खोये बरस बहुत पहले , आज क्यूँ मैं खोता हूँ..............####

**********************************

क़हर का अंजाम हमेशा , क़हर ही होता है ,
तो क्यूँ ज़हर ये इसां , क़ुदरत में बोता है ?
और जब टूटती हैं हदें , क़ुदरत के सब्र की ,
फिर क्यूँ क़हर से घबरा , इंसा यूँ रोता है ..............####

**********************************

ज़िन्दगी की बात थी तो ज़िन्दगी में खो गये ,
मैं भी उनका हो गया और वो भी मेरे हो गये ..............####

**********************************

ज़िन्दगी में ना मेरी कोई शरीक़ था ,

पर मौत का मातम सबने मनाया मेरा..............####

**********************************

लगे अपना सा आसमां और ये ज़मीं ,
जब तू है मेरे साथ ओ मेरे हसीं ..............####

**********************************

दूर तक अक्स मुझे अपना दिखाई देता है ,
सबकी आँखों का मुझे सपना दिखाई देता है..............####

**********************************

ज़िन्दगी में ना कोई अब मुक़ाम चाहता हूँ ,
देखा बहुत कुछ मैने अब विराम चाहता हूँ ..............####

**********************************

चाँद भी तारे भी हैं , और चाँदनी मदहोश है ,
हर रात इक जश्न यूँ , मनाये मेरी ज़िन्दगी..............####

**********************************

है चमकती धूप और , रोज़ है दिलकश समां ,
दुआओं से हर रोज़ सँवरी , जाये मेरी ज़िन्दगी..............####

**********************************

दिल के होठों से यूँ मुस्काये मेरी ज़िन्दगी ,
ख़ुद ही साँसों से महक जाये मेरी ज़िन्दगी ..............####

**********************************

ज़िन्दगी में सबकी बस ऐसा ही नूर हो ,

ख़ुशियाँ हों हर साँस में ऐसा सुरूर हो..............####

**********************************

तुझको तनहाइयों में सजाते रहे ,

उम्र भर यूँ ही हम गुनगुनाते रहे..............####

**********************************

मेरे दिल की , मुझे धड़कन , इतना क्यूँ सताती है ,

जिसे मैं , भूलना चाहूँ , क्यूँ अक्सर याद आती है..............####

**********************************

तू ख़्वाबों से तसव्वुर में , आ के मुझ पे छाई है ,
ख़ुदा की कैसी क़ुदरत है , क्या सूरत बनाई है..............####

**********************************

कैसे कह दूँ कि , दुनिया बड़ी हरजाई है ,
जबकि पहलू में तेरे , मैंने ख़ुशी पाई है..............####

**********************************

दुनिया में ये आशिक़ दिल को , समझाने किधर जाये ,
इधर जाये उधर जाये , या फिर यूँ ही मर जाये..............####

**********************************

मेरे मालिक तू मुझको , दुआओं का करम दे दे ,
ग़रीबों के लिये दिल में , तू मेरे रहम दे दे..............####

******************************

जब भी , दिल की ज़ुबान , सुनते हैं ,
ख़्वाब फिर , कुछ नये से , बुनते हैं..............####

**********************************

मेरी दुनिया के मालिक तूने , दुनिया क्या बनाई है ,
कहीं पर ग़म के मेले हैं , कहीं बजती शहनाई है..............####

**********************************

ख़ुशबू आई है , हवाओं में , बहारों की तरह ,
जब से पाया तुझे , ख़्वाब में , यारों की तरह..............####

**********************************

तेरे पहलू में , ज़माने की , ख़ुशी मिलती है ,
वक़्त बीता है , मगर प्यास , ये ना ढलती है..............####

**********************************

No comments:

Post a Comment