YE DIL Shayari




  • मेरे ग़म मेरी तनहाई को ,
  • जब से है यूँ चाहा तुमने ,
  • तभी से मुझे वो तनहाई ,
  • एक अनजान सी लगती है.........$$$$$

  • हर लम्हा तबस्सुम की बाहों में ,
  • हर सांस तरन्नुम की छाँव में ,
  • हर धड़कन साज़ की महफ़िल में ,
  • नगमों की बरसात सी लगती है.........$$$$$

  • मेरी तुम्हारी वो तमाम यादें ,
  • यादों सी जुडी वो सारी बातें ,
  • इस रात की उजली छाँव में ,
  • सपनों की बारात सी लगती है.........$$$$$

  • *****************************


  • तुम उदास मत होओ
  • मैं तुम्हारी
  • ज़िन्दगी से चला जाऊँगा
  • एक गुजरे वक़्त की मानिंद
  • जो कभी नहीं लौटता.........$$$$$
  • वो तमाम यादें भी
  • आपने साथ ले जाऊँगा
  • जो हमेशा तुम्हारे साथ हैं.........$$$$$
  • दर्द भरी ख़ामोशी भूलकर
  • मैं मुस्कराऊंगा
  • ग़म के अफ़साने भूलकर
  • मैं मीठे गीत गुनगुनाऊंगा
  • अपनी तन्हाइयों को मैं
  • अपना हमकदम बनाऊंगा
  • और भूलकर भी
  • मैं तुम्हे याद नहीं आऊंगा.........$$$$$
  • लेकिन जब कभी –
  • तुम्हे ये अहसास हो
  • की तुम अकेली हो
  • तुम्हे किसी दुसरे की
  • तन्हाई का साथ चाहिए
  • तब उस मोड़ पर .........$$$$$
  • तुम देर नहीं करना
  • मुझे धीरे से पुकार लेना
  • मैं हमेशा –
  • कहीं तुम्हारे साथ हूँ.........$$$$$

  • *****************************

  • हाँ ! देखी है वो भी एक ज़िन्दगी.........$$$$$

  • प्यार की ज़फाओं पर आंसू बहाती एक ज़िन्दगी ,
  • रोती , सुबकती और सिसकती हुई एक ज़िन्दगी ,
  • हाँ ! ज़िन्दगी ही तो थी और कहूँ क्या मैं उसे ,
  • वक़्त में तिल तिल कर मरती हुई एक ज़िन्दगी.........$$$$$

  • *****************************

  • वो ख़्वाबों के सारे महल ढह गए ,
  • हसरतें ही बचीं ज़िन्दगी के लिए ,
  • अब जीने की कोई उमंगें नहीं ,
  • ज़िन्दगी भी नहीं ज़िन्दगी के लिए.........$$$$$

  • *****************************

  • दिल ही दिल में किसी पे मैं मरता रहा ,
  • बस तन्हाइयों में ही आहें मैं भरता रहा.........$$$$$

  • इज़हारे इश्क ना कर सका उससे कभी ,
  • वो इंतज़ार ही तो था जो मैं करता रहा.........$$$$$

  • *****************************

  • हर पल एक प्यार की चाह में ,
  • इस दिल को बेक़रार मैंने देखा है.........$$$$$

  • एक एक पल उम्र से भी बड़ा था ,
  • एक ऐसा भी इंतज़ार मैंने देखा है.........$$$$$

  • जब भी सोचा है आपके बारे में ,
  • लगता है हसीं ख़्वाब मैंने देखा है.........$$$$$

  • में आपके और आप मेरे करीब थे ,
  • ये एक ख़्वाब बार बार मैंने देखा है.........$$$$$

  • और उन ख़्वाबों से उठकर देखने पे ,
  • दूर तक आपको ही जनाब मैंने देखा है.........$$$$$

  • शबनम को फूलों के आस पास देख ,
  • यूँ लगा आपको उदास मैंने देखा है.........$$$$$

  • नज़र मिलते ही आपसे कुछ यूँ लगा ,
  • आप नहीं एक आफताब मैंने देखा है.........$$$$$

  • आप नहीं तो फूलों से दुश्मनी सी थी ,
  • पर अब काँटों को खुशबूदार मैंने देखा है.........$$$$$

  • हर कली को संवारने वाले गुलज़ार का ,
  • वो एक लाजबाब शाहकार मैंने देखा है.........$$$$$

  • आपकी आँखों के इस गहरे समंदर में ,
  • आपने लिए प्यार ही प्यार मैंने देखा है.........$$$$$

  • *****************************

  • तुम नहीं तो लगते हैं फूल भी दुश्मन मुझे ,
  • पर तुम्हारे आते ही काँटों में भी खुशबू होगी.........$$$$$

  • *****************************

  • ना जाने वो कैसी नज़र देखते हैं ,
  • हम तो बस उनकी नज़र देखते हैं ,
  • नज़र की नज़र से हजारों ये बातें ,
  • नज़र का नज़र पे असर देखते हैं.........$$$$$

  • ना जाने …..

  • नज़र का ये उनका मिलाना तो देखो ,
  • मिला के नज़र का झुकाना तो देखो ,
  • नज़र को नज़र से चुराते हुए भी ,
  • शराफ़त की वो एक नज़र देखते हैं.........$$$$$

  • ना जाने ….

  • *****************************

  • आज आँख मेरी खुल पायी है ,
  • या तूने दुनिया नयी दिखाई है ,
  • शुक्र है तेरा ओ मेरे खुदा ,
  • जो तूने दुनिया मेरी सजाई है.........$$$$$

  • कहते हैं दुनिया बड़ी हरजाई है ,
  • चारों तरफ़ फैली बहुत बुराई है ,
  • पर तूने बख्शी है मुझे नेमत ,
  • जो दिखे हमेशा मुझे अच्छाई है .........$$$$$

  • *****************************

  • Aaj aankh meri khul paayi hai ,
  • Ya tune duniya nayi dikhai hai ,
  • Shukr hai tera o mere khuda ,
  • Jo tune duniya meri sajaai hai.........$$$$$

  • Kahte hain duniya badi harjaai hai ,
  • Charon taraf faili bahut buraai hai ,
  • Par tune bakhshi hai mujhe nemat ,
  • Jo dikhe hamesha mujhe achchhaai hai.........$$$$$

  • *****************************

  • क्या मैं वो नहीं , जो सोचता हूँ मैं ,
  • फिर क्यूँ मुझे ख़ुद पर , इतना भरोसा है .........$$$$$

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  • Kya main wo nahi, jo sochata hun main ,
  • Phir kyun mujhe khud par, itna bharosa hai.........$$$$$

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  • है बरसों से पड़ी सूनी , मेरी ये कलाई ,

  • याद करते ही ये ,आँख मेरी भर आई.........$$$$$

  • उसकी आँखों में थी , सदा मेरे लिए दुआएं ,
  • हर कदम ज़िन्दगी पे , मुझे उसकी याद आई.........$$$$$

  • था खून एक ही , हम दोनों की रग़ों में ,
  • पर उसके खून पे , हमेशा ही रंगत आई.........$$$$$

  • बीत चुके हैं बरसों , और बीते अगिनत पल ,
  • पर लगता है आएगी , फिर भूलकर वो जुदाई.........$$$$$

  • मेरा वजूद मेहरबान है , उसकी इबादत का ,
  • रोम रोम देता मेरा , सदा ही उसकी शुक्राई.........$$$$$

  • वो मेरी बहन दोस्त थी ,और मैं उसका भाई ,
  • फिर क्यूँ नहीं कर सके , रिश्ते की हम निभाई.........$$$$$

  • जीवन की विषमता ने , ना कसर थी उठाई ,
  • अभेद उन्हें जानकर , थी उसने ली बिदाई.........$$$$$

  • तोड़ी थी उसने , वक़्त की हर धार उस सुबह ,
  • और उसके बाद कभी , वो लौटकर नहीं आई .........$$$$$

  • बरसों की राखियों ने है , याद मुझे ये दिलाई ,
  • थी लाखों में मेरी बहन ,और मैं उसका भाई.........$$$$$

  • कलाई मेरी सूनी है , और सूनी ही रहेगी ,
  • पर दुआएं साथ हैं , और साथ उसकी भलाई.........$$$$$

  • *****************************

  • Hai barason se padi sooni , meri ye kalaai ,
  • Yaad karte hi ye , aankh meri bhar aai.........$$$$$

  • Uski aankon mein thi , sada mere liye duaayen ,
  • Har kadam zindagi pe , mujhe uski yaad aayi.........$$$$$
  • Tha khoon ek hi , hum dono ki ragon mein ,
  • Par uske khoon pe , hamesha hi rangat aai.........$$$$$
  • Beeten chuke hain barason , aur beete aginat pal ,
  • Par lagta hai aayegi , phir bhoolkar wo judaai.........$$$$$
  • Mera wajood meharbaan hai , usaki ibadat ka ,
  • Rom rom deta mera , sada hee uski shukraai.........$$$$$
  • Wo meri bahan dost thi , aur main uska bhai ,
  • Phir kyun nahin kar sake , rishte ki hum nibhai.........$$$$$

  • Jeevan ki vishamta ne , na kasar thi uthaai ,
  • Abhed Unhe jaankar hi , thi usne lee bidaai.........$$$$$

  • Todi thi usne waqt ki , har dhaar us subah ,
  • Aur uske baad kabhi , wo lautkar nahin aayi.........$$$$$

  • Barason ki Raakhiyon ne , hai yaad ye dilaai ,
  • Thi lakhon mein meri bahan, aur main uska bhai .........$$$$$

  • Kalaai meri sooni hai , aur sooni hi rahegi ,
  • Par duaayen saath hain , aur saath uski bhalaai.........$$$$$

  • *****************************

  • मैं चलता हूँ दूर , जितना कभी भी
  • तुम भी , उतनी ही दूर चल जाते हो
  • फ़र्क सिर्फ़ इतना है , हम दोनों में
  • मैं पास आता हूँ , तुम दूर जाते हो.........$$$$$

  • चला है ये सिलसिला , बरसों से हमारा
  • फिर क्यूँ , इसे तुम नयी बात बतलाते हो
  • ग़र मिलना ना हो , होके हमरस्ता भी
  • फिर क्यों साथ का , ऐसा फ़र्ज़ निभाते हो.........$$$$$

  • *****************************

  • Main chalata hoon door , jitna kabhi bhi
  • Tum bhi , utani hi door chal jaate ho
  • Fark sirf itna hai , hum dono mein
  • Main paas aata hun , tum door jaate ho.........$$$$$

  • Chala hai Ye silsila , barason se hamara
  • Phir Kyun , ise tum nayi baat batalate ho
  • Gar Milna na ho , hoke humrasta bhi
  • Phir Kyon saath ka , aisa farz nibhate ho.........$$$$$

  • *****************************

  • ग़र की है ख़ता तुमने कहीं भी कभी ,
  • ना करने की उसे फिर इल्तज़ा की है.........$$$$$

  • घाव कितना भी गहरा हुआ हो मगर ,
  • दिल ने फिर भी तेरे लिए दुआ की है.........$$$$$

  • रस्ते गए हों बदल ज़िन्दगी में तो क्या ,
  • ना हमने किस्मत तुमसे जुदा की है.........$$$$$

  • तुमने दी है सज़ा जुदा हो के तो क्या ,
  • ना हमने कोई मुक़र्रर सज़ा की है.........$$$$$

  • दिल झुकता है अब भी मिले थे जहाँ ,
  • तुझसे तनहाइयों में भी वफ़ा की है.........$$$$$

  • मरते दम तक बसायेंगी ये सूरत तेरी ,
  • मेरी आँखों ने मुझसे ये रज़ा की है.........$$$$$

  • *****************************

  • Gar Ki hai khata tumne kahin bhi kabhi ,
  • Na use phir karne ki iltaza ki hai.........$$$$$

  • Ghav kitna bhi gahra hua ho magar ,
  • Phir bhi Dil ne tere liye dua ki hai .........$$$$$
  • Raste gaye hon badal zindagi mein to kya ,
  • Na kismat tumse kabhi juda ki hai.........$$$$$

  • Tumne di hai saza juda ho ke to kya ,
  • Na hamne koi mukarar saza ki hai.........$$$$$

  • Dil jhukta hai ab bhi Mile the jahan ,
  • Tujhse tanhaaiyon mein bhi wafa ki hai.........$$$$$

  • Marte dam tak basaayengi ye surat teri ,
  • Meri ankon ne mujhase ye raza ki hai.........$$$$$

  • *****************************

  • मेरे ख्वाबों तक ने जगाया है मुझे हर बार यहाँ ,
  • अब मेरे सोने की कोई सूरत दिखाई नहीं देती.........$$$$$

  • हर बार सोचा है तुझे जब भी तुझे भुलाया है ,
  • यादों के पार करे ऐसी कश्ती दिखाई नहीं देती .........$$$$$

  • आँखों में तेरी सूरत मैं आज भी लिए बैठा हूँ ,
  • कैसे कह दूँ कि अब तू मुझे दिखाई नहीं देती.........$$$$$

  • मैं तेरे इश्क़ में गिरफ़्तार था और रहूँगा हमेशा ,
  • बस तेरी हामी की एक आवाज़ सुनाई नहीं देती .........$$$$$

  • *****************************

  • Mere Khwabon tak ne jagaya hai mujhe har baar yahan ,
  • Ab mere sone ki koi surat dikhaai nahin deti.........$$$$$

  • Har baar socha hai tujhe jab bhi tujhe bhoolaya hai ,
  • Yaadon ke paar kare aisi kashti dikhaai nahin deti.........$$$$$

  • Aankho mein teri soorat main aaj bhi liye baitha hun ,
  • Kaise kah dun ki ab tu mujhe dikhaai nahin deti.........$$$$$

  • Main tere ishq mein giraftaar tha aur rahunga hamesha ,
  • Bas teri haami ki ek awaaz sunaai nahi deti.........$$$$$

  • *****************************

  • वफ़ा को हमने तुमसे निभाने की क़सम खायी है ,
  • ख़ुद को तुम से ना मिलाने की क़सम खायी है ,
  • ग़म चाहे कितने भी आयें अब इस ज़िन्दगी में ,
  • याद तुम्हे करके मुस्कुराने की क़सम खायी है.........$$$$$

  • *****************************

  • Vafa ko hamne tumse nibhane ki kasam khayi hai,
  • Khud ko tum se na milaane ki kasam khayi hai,
  • Gum chaahe kitani bhi ab aayen is zindagi mein,
  • Yaad tumhe karke muskuraane ki kasam khayi hai.........$$$$$

  • *****************************

  • कैसे कह दूँ शिकायत है दुनिया से मुझे कोई ,
  • हमेशा मेरी परछाईं ने निभाया है साथ मेरा.........$$$$$

  • Kaise kah dun shikaayat hai duniya se mujhe koi,
  • Hamesha meri Parchhaain ne nibhaya hai saath mera.........$$$$$

  • *****************************

  • जब से परछाइयों ने मुझको घेरा है ,
  • रौशनी मुझसे नज़रें चुराने लगी है.........$$$$$

  • Jab se parchhaiyon ne mujhko ghera hai ,
  • Roshni mujhase nazaren churaane lagi hai.........$$$$$

  • *****************************

  • उनकी परछाईं को आँखों में बसाया है मैंने ,
  • फिर क्यूँ मैं नींद के आने का इंतज़ार करूँ ?

  • Unki Parchhaain ko aankhon mein basaya hai maine ,
  • Phir kyun main neend ke aane ka intezaar karun.........$$$$$

  • *****************************

  • परछाइयों को सबका , दिखता है सच हमेशा ;
  • झूठ से किसी के , ना कोई इनका सरोकार है !

  • Parchhaaiyon ko sabka , dikhta hai sach hamesha ;
  • Jhooth se kisi ke , na koi inka sarokar hai.........$$$$$

  • *****************************

  • दामन में कभी मेरे , ग़र आग़ भी लगी हो ;
  • परछाईं ने कभी मेरी , दामन नहीं है छोड़ा.........$$$$$

  • Daaman mein kabhi mere , gar aag bhi lagi ho ;
  • Parchhaain ne kabhi meri , daman nahin hai chhoda.........$$$$$

  • *****************************

  • इन   चिंगारिओं   से   हमारी ,  पहचान  है  पुरानी ;

  • एहसास-ए-जुर्म  की आग  में  बरसों  जले  हैं  हम.........$$$$$

  • *****************************

  • In  Chingaarion   se  hamari , pehchan  hai  puraani  ;

  • Ehsaas-e-jurm  ki Aag mein , barason jale hain hum.........$$$$$

  • *****************************

  • मेरी ही परछाईं , ज़िन्दगी मुझे सिखलाती है,
  • इशारों में मुझे , वक़्त का हाल समझाती है,
  • सर पे हाथ हो उजालों का , तो रहती छोटी,
  • दूर हो रौशनी , तो मुझसे बड़ी हो जाती है.........$$$$$

  • *****************************

  • Meri hi parchhaain , zindagi mujhe sikhalaati hai,
  • Isaaron mein mujhe , waqt ka haal samjhaati hai,
  • Sar pe haath ho ujaalon ka , to rahti chhoti,
  • Door ho roshni to , mujhse badi ho jaati hai .........$$$$$

  • *****************************

  • वक़्त की गिरफ्त में , सबका सूरते हाल है ;
  • पर नहीं सीरत पर , इसका ज़ोर बहरहाल है.........$$$$$

  • *****************************

  • Waqt ki giraft mein, sabka soorate haal hai ;
  • Par nahin seerat par , iska zor baharhal hai.........$$$$$

  • *****************************

  • मेरा तो वो था ही नहीं , ये रोज़ ही मुझसे कहता है ,
  • और जिसका वो हो ना सका , उसके ग़म में रहता है.........$$$$$

  • *****************************

  • Mera to Wo tha hi nahin , ye roz hi mujhse kahta hai ,
  • Aur jiska Wo ho na saka , uske gam mein rahta hai.........$$$$$

  • *****************************

  • बीता हुआ हर एक लम्हा मुझे पहचानता है ;
  • गुज़रा कल मुझे अपना एक हिस्सा मानता है ;
  • बस यूँ ही नहीं मैं गुज़रे वक़्त पे क़ुरबान हूँ ;
  • एक वही मेरे दिल की सच्चाइयों को जानता है .........$$$$$

  • *****************************

  • Beeta hua har ek lamha mujhe pehchanta hai ;
  • Guzara kal mujhe apna ek hissa manta hai ;
  • Bas yun hi nahin main guzare waqt pe qurbaan hun ;
  • Ek wahi mere dil ki sachchaaiyon ko janta hai.........$$$$$

  • *****************************

  • नज़रों से मेरी तुम , राज़ छुपाये फिरते हो ;
  • आईनों से क्यूँ , अंदाज़ छुपाये फिरते हो.........$$$$$

  • *****************************

  • Nazaron SE meri tum , raaz chupaaye phirate ho ,
  • Aaeenon SE kyun , andaaz chupaaye phirate ho .........$$$$$

  • *****************************

  • ये मैं नहीं कहता , पर वक़्त का दस्तूर है ;
  • दो शख्स भी नहीं हैं , एक जैसे इस जहां में !

  • हर दिन है यूँ बदलता , कुदरत के इशारे पर ;
  • ग़र बदले नहीं हैं दिल, तो ये इनायत है उसकी.........$$$$$

  • *****************************

  • Ye main nahin kahta , par waqt ka dastoor hai ;
  • Do shaksh bhi nahin hain , ek jaise is jahaan mein.........$$$$$

  • Har din hai yun badalta , kudarat ke ishaare par ;
  • Gar badale nahin hain dil , to ye inayat hai uski.........$$$$$

  • *******************************

  • मुश्किल इस राह में , मुस्कान नहीं छोड़ूँगा ,
  • ऊँचाई की चाह में , स्वाभिमान नहीं छोड़ूँगा..........$$$$$

  • *****************************

  • वक़्त को अपने बदलना चाहता हूँ ,
  • ख़ुद ब ख़ुद मैं सम्भलना चाहता हूँ ,
  • चलूँ तनहा या तेरा इन्तज़ार करूँ ,
  • कशमक़श से निकलना चाहता हूँ .........$$$$$

  • *****************************

  • टूटते तारों को आँखों में बसाया है ,
  • उनकी यादों को साँसों में छुपाया है ,
  • कभी समंदर को समेटा था बाहों में ,
  • आज ख़ुद उसे साहिल पे लुटाया है.........$$$$$

  • *****************************

  • ज़िन्दगी एक रात की नींद सी ढलती रही ,
  • और मदहोश मैं इक ख़्वाब सा बहता रहा .........$$$$$

  • *****************************

  • बस आज ये माँगूँ , कि मैं जान पाऊँ ,
  • ख़ुदा के अहसानों को , मैं मान पाऊँ ,
  • दिया है उसने बहुत , मैं ये देख सकूँ ,
  • हर पल में ख़ुशी को, मैं पहचान पाऊँ.........$$$$$

  • *****************************

  • चमक की चाह में , हर शख़्स यहाँ , जलता है ज़रूर ,
  • पर है रौशन वही , जिसे बख़्शे खुदा , दोस्ती का नूर.........$$$$$

  • *****************************

  • आज तुम मेरे , आने का , इन्तज़ार करो ,
  • ज़िद ना करो , प्यार का , इज़हार करो.........$$$$$

  • *****************************

  • मिली नज़र जो आपसे , ना दूर हो सके ,
  • ये बात और है कि ना , मशहूर हो सके.........$$$$$

  • थी बीमारी आपको , भुलाने की रिश्ते ,
  • इसीलिये आँखों का हम ना , नूर हो सके ।

  • मेरी नज़र में आप थीं , पर आप में कोई और,
  • हम आपकी नज़र का ना , सुरूर हो सके .........$$$$$

  • आपकी आँखों और , बातों में थी जफ़ा ,
  • मेरे ख़्वाब फिर भी ना , मजबूर हो सके.........$$$$$

  • जीते हैं मोड़ ज़िन्दगी के , हमने सब यहाँ ,
  • पर ना इश्क़ के मैदान के , हुज़ूर हो सके.........$$$$$


  • *****************************

  • मिली नज़र जो आपसे , ना दूर हो सके ,
  • ये बात और है कि , ना मशहूर हो सके.........$$$$$

  • *****************************

  • मुसाफ़िर मैं अदना सा , और रास्ते कई हैं ,
  • हर रास्ते से लिपटे , यहाँ वास्ते कई हैं ,
  • चलूंं अब किधर मैं , मुश्किल है ये समझना.........$$$$$
  • पर इन्सान को हमेशा , खुदके ही साथ चलना ,
  • खो जाऊँ अब अगर , क्यूँ मैं डरता हूँ ,
  • बस अपने ही वास्ते , क्यूँ मैं मरता हूँ.........$$$$$
  • है रात बहुत बीती , ये जवाब मुझे चाहिये ,
  • ख़ुद के लिये चलूँ , या सवाब मुझे चाहिये ,
  • मुश्किल है ये बात , और आसां भी यही है.........$$$$$
  • है सबको जो चलाता , वो तो यहीं कहीं है ,
  • फिर सोच में क्यूँ डूबा , ले रास्ता पुराना ,
  • चल चुके जो इस रस्ते , बोलें बड़ा सुहाना.........$$$$$
  • ठाना अब ये मैंने , करना मुझे यही है ,
  • सब रास्ते हैं मेरे , डरना मुझे नहीं है ,
  • चलना है मुझे अब , बस एक ख़ुदा के वास्ते ,
  • कहते हैं ग़ुल खिलेंगे , फिर मेरे हरेक रास्ते.........$$$$$

  • *****************************

  • भूल के साया भी तुमको चलना होगा ,
  • सह के दर्द भी तुमको सम्भलना होगा ,

  • हों चाँद तारे भी चाहे ख़िलाफ़ तुम्हारे ,
  • इरादों से तुम्हे वक़्त को बदलना होगा.........$$$$$

  • *****************************

  • तेरी साँसों की धड़कन, मुझे ख़ूब सुनाई देती है ,
  • तेरी सूरत आँखों में , मुझे सबकी दिखाई देती है.........$$$$$

  • *****************************

  • मैं उनके सामने ही , यूँ वक़्त में गुज़र गया ;
  • तो कभी उनकी आँखों में , यूँ ही ठहर गया ;
  • ना वो बोले ना मैं बोला, ज़िन्दगी चलती रही ;
  • वो लम्हा पास होकर भी,कहने से मुक़र गया .........$$$$$

  • *****************************


  • मैं
  • उन आँखो की तलाश में हूँ
  • जिनकी आस ने
  • मुझको तराशा था .........$$$$$

  • बरसों निकल गये हैं
  • वक़्त से आगे कहीं
  • पर मैं हूँ
  • कि
  • वक़्त की ग़र्द में
  • दबे हुए उस लम्हे को
  • ढूँढ रहा हूँ
  • जो उस दिन
  • उसकी आँखों से निकल
  • आँसू बनकर बह गया था.........$$$$$

  • सुना था
  • उसके गर्म होठों को छूकर
  • वो आँसू
  • भाप बनकर
  • हवा में उड़ा था
  • और जा मिला था
  • बादलों में .........$$$$$

  • उस दिन से
  • हमेशा
  • जब कभी
  • बादल बरसते हैं
  • मैं
  • बारिश में भीगता हूँ
  • और गिरती बूँदों को
  • हथेलियों में समेटता हूँ
  • और ढूँढता हूँ
  • उस आँसू को
  • जो उस दिन
  • बादलों में मिला था.........$$$$$
  • पर
  • पहचान नहीं पाता हूँ
  • किसी भी बूँद में
  • उस आँसू का अस्तित्व.........$$$$$

  • मैं जानता हूँ
  • कि
  • गया वक़्त नहीं लौटता
  • फिर भी
  • न जाने क्यूँ
  • ढूँढता हूँ
  • हर बारिश में
  • वो खोया लम्हा
  • जो बह गया था
  • उसकी आँखों से
  • लिये
  • मेरा अहसास
  • और
  • उन आँखो की आस.........$$$$$

  • *****************************

  • हम तो तेरी निगाहों में बस बहते रहे ,
  • ज़ुल्फ़ों का तेरी ज़ुल्म भी हम सहते रहे ,
  • क़बूल करेगी कभी सामने से या नहीं तू ,
  • इसलिये दूर ही से अपना तुझे कहते रहे.........$$$$$

  • *****************************

  • भँवर में क़ैद पानी की मँझधार हमने देखी है ,
  • आदमी की ख़ुदाई से वो गुहार हमने देखी है ,
  • ज़िन्दगी ही ज़िन्दगी से भीख़ माँगे फिर भी ,
  • आदमी की हिम्मत वो बेशुमार हमने देखी है .........$$$$$

  • *****************************

  • हजारों हैं ग़म ज़िन्दगी में ज़माने में ,
  • क्या क्या सुनायें हम आपको फ़साने में.........$$$$$

  • *****************************

  • आँखो पे तेरी काजल का पहरा है ,
  • होठों पे तेरे गुलाबों का सेहरा है ,
  • बदन की हिफाज़त में है ख़ुशबू तेरी ,
  • हुस्न तेरे सामने क्या कभी ठहरा है .........$$$$$

  • क़दमों से तेरे है सावन की मस्ती ,
  • नज़रों में तेरी सारी दुनिया की बस्ती ,
  • तेरे आने से होती महफ़िल में रौनक़ ,
  • तेरी चाहत में हर ख़्वाब सुनहरा है.........$$$$$

  • आँखो पे तेरी काजल का पहरा है .........$$$$$

  • *****************************

  • बेतकल्लुफ़ रहे रात भर वो आग़ोश में हमारी ,
  • यूँ ही नहीं हम हुस्न में सराबोर हैं आज !

  • *****************************

  • मेरी आँखों की गहराई से मुझे तुम जान लेना ,
  • मेरे ख़्वाबों की सच्चाई से मुझे पहचान लेना ,
  • ग़र कभी भूल के भी भूलूँ तुझे मैं ज़िन्दगी में ,
  • अपने सासों की आहट से बस मेरा नाम लेना .........$$$$$

  • *****************************

  • चाहूं कितना भी संभालना , फिर भी ना संभलती है ,
  • ज़िन्दगी हमेशा बदलती है , हर शाम यूं ही ढलती है.........$$$$$

  • *****************************

  • वक़्त की बिसात पर आज मेरा साया है ,

  • ग़ुबार दिल पे पुरानी बातों का छाया है ,
  • क्या भूलूं और क्या याद करूं मैं आज ,
  • खोके ज़िन्दगी को मैंने खुद को पाया है.........$$$$$

  • *****************************

  • बस वक़्त की फिराक़ में ज़िंदगी निकल गयी ,
  • बात छुपाई हर हाल में पर ज़ुबंा फिसल गयी ,
  • किया क्या ना हमने और कितना पुकारा उन्हे ,
  • पर बह चुकी वफ़ा में उनकी निगाह बदल गयी .........$$$$$

  • *****************************

  • चिंगारियों से निकली क्या आग़ ये वही है
  • जिसने जलाया दामन रक़ीबों का बार बार.........$$$$$

  • *****************************

  • क्यूँ मुझे वो गीत कुछ सच्चा सा नहीं दिखता है ,
  • क्यूँ मुझे वो संगीत कुछ अच्छा सा नहीं दिखता है ,

  • क्यूँ मुझे उन आँखों में काेई सपना सा नहीं दिखता है ,
  • क्यूँ मुझे उन बातों में कोई अपना सा नहीं दिखता है ,

  • हैै ये मेरा , मेरे दिल का या मेरी इन आँखों का कसूर ,
  • कि अक्स मुझे अपना भी धुन्धला सा अब दिखता है.........$$$$$

  • *****************************


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